भारतीय वन्य जीवन हमेशा अजूबों और आकर्षण से भरी एक दुनिया रही है। ऐसा ही एक अजूबा हाल ही में उत्तर पूर्वी राज्य असम में देखने को मिला है जहाँ वैज्ञानिकों की एक टीम ने साँप की नई प्रजाति खोज निकाली है। इस खोज की खबर सबसे पहले न्यूज़ीलैण्ड के ज़ूटाक्सा के हाल के संस्करण में प्रकाशित हुई थी। खोज में जुड़ी टीम में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून, टेक्सास विश्वविद्यालय, ऑस्टिन और प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय, लंदन के वैज्ञानिक शामिल थे।
इस साँप का नाम रहब्डोफिस बिंदी (Rhabdophis bindi) रखा गया है। बता दिया जाये की अब तक इस जाती से लगभग 29 प्रकार के साँपो की खोज की जा चुकी है। अपनी गर्दन के ऊपरी हिस्से में पाए जाने वाली लाल बिंदी के कारण प्रसिद्ध ये साँप, इस जाती का पहला ऐसा अनोखा सांप है। इस खोज के बारे में बात करते हुए भारत के अभिजीत दास बताते है कि इस साँप के होने का पहला संकेत उन्हें 2007 में मिल गया था। तब से ले कर आज तक 14 साल के लगातार शोध व अध्ययन के बाद इसे नई प्रजाति के रूप में पहचान मिल पाई है। ये सांप हिमालय छेत्र में 600 मीटर तक की ऊँचाई में पाया जाता है। 60 सेंटीमीटर की औसतन लम्बाई वाला ये सांप हिमालयन रेड नेक्ड कीलबैक से भी काफी मिलता जुलता है।