अगर आप विज्ञान में दिलचस्पी रखते है तो अपने अक्सर ये बात सुनी होगी कि रात को पेड़ों के नीचे नहीं सोना चाहिए क्योंकि रात में पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड देते है। जिस कारण पेड़ों के नीचे सोना असुरक्षित होता है। वहीं इंटरनेट पर आपको कई ऐसी वेबसाइट मिलेंगी जो ये दावा करती है कि कुछ इंडोर प्लांट्स जैसे कि एलो वेरा, तुलसी, स्नेक प्लांट आदि रात में भी ऑक्सीजन देने की क्षमता रखते है।
पर ये बात क्या सच में सही है, या ये दावे झूठे है?
विज्ञान के अनुसार पौधों में 2 प्रकार की प्रक्रिया होती है।
पहला प्रकाश संश्लेषण(Photosynthesis)और दूसरा कोशिकीय श्वसन (cellular respiration).
पेड़ और पौधों सूरज की रौशनी में हवा से कार्बनडाइऑक्साइड और धरती से पानी लेकर अपने लिए खाना बनाते हैं और आक्सीजन गैस (O2) बाहर निकालते हैं। इस प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण यानि photosynthesis कहा जाता है।
वहीं कोशिकीय श्वसन (cellular respiration) में पेड़ और पौधें अपनी कोशिकाओं (cells)से ऑक्सीजन लेते है और कार्बन डाइऑक्साइड गैस बहार निकालते हैं।
ये सच है कि पेड़ व पौधें photosynthesis केवल दिन में कर सकते है पर वैज्ञानिकों का कहना है कि respiration की प्रक्रिया पेड़ -पौधों में दिन और रात दोनों वक़्त होती है।

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दिन में photosynthesis का दर ज्यादा होता है इसलिए respiration का वातारण में ज्यादा प्रभाव नही माना जाता।
पर रात को photosynthesis ना होने के कारण पेड़ पौधों में respiration का ज्यादा प्रभाव नज़र आता है और ये अपने आस पास हवा से ऑक्सीजन ले कर कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकालने लगते है। इस ही कारण रात को पेडों के नीचे सोने से मना किया जाता है।

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पर कुछ पौधें जैसे की कैक्टस, पाइनएप्पल, और कुछ आर्किड की प्रजातियों में एक अलग प्रकार की प्रक्रिया नज़र आती है। इन पौधों को CAM प्लांट्स कहा जाता है। ज्यादातर पानी की कमी से बचने के लिए ये पौधे एक नया रास्ता चुनते है। दिन के समय ये पौधें अपने स्टोमेटा बन्द रखते है जिस से कि कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का आदान प्रदान नहीं हो पाता जो कि photosynthesis के लिए बहुत जरूरी है। कार्बन डाइऑक्साइड की इस कमी को पूरा करने के लिए ये पौधे रात में स्टोमेटा खोल देते है और हवा से कार्बन डाइऑक्साइड गैस ले कर इसे अपनी कोशिकाओं में संरक्षित कर लेते है।
दिन में जब सूरज की रौशनी मिलती है तो ये इस संरक्षित कार्बन डाइऑक्साइड का इस्तेमाल कर अपने लिए खाना बनाते है और ऑक्सीजन बाहर निकालते हैं।
यानि कि ये CAM प्लांट्स रात में ऑक्सीजन देते है इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिलता। पर हाँ ये पौधें रात में कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकालने की जगह उसे इस्तेमाल करते है, जिस से कि आस पास की हवा साँस लेने के लिए साफ़ व बेहतर होती है। तो हाँ कैक्टस, आर्किड, स्नेक प्लांट, आदि इंडोर प्लांट्स का आप इस्तेमाल कर सकते है पर इसलिए नहीं कि वो रात में ऑक्सीजन गैस देते है बल्कि इसलिए क्योंकि वे रात में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैस अपने इस्तेमाल के लिए सोख सकते है।